साल था 1528, और मध्य भारत का चंदेरी किला अपने आप में एक अभेदनीय था। घने जंगलों और ऊंची चट्टानों के बीच बसा यह किला राजपूतों की आन-बान-शान और हिम्मत का जीता जागता प्रतीक था। इस किले पर राज करते थे मेदनी राय—एक ऐसा योद्धा, जिसके दिल में जंग की आग हमेशा सुलगती रहती थी। लेकिन अब यह किला एक बड़े सियासी तूफान का गवाह बनने जा रहा था। बाबर का नया लक्ष्य 1526 में…
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शालीमार बाग दिल्ली का इतिहास
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