साल था 1527। दिल्ली अब बाबर के हाथों में आ चुकी थी| पानीपत की पहली जंग में इब्राहिम लोधी को मात देकर बाबर मुगल सल्तनत की नींव रख चुका था। लेकिन यह कहानी यहीं खत्म नहीं होती। असली रोमांच तो अब शुरू होने वाला था—एक ऐसे योद्धा के साथ, जो सिर्फ तलवार नहीं, बल्कि अपने गर्व और परंपरा का परचम भी लहराता था। उसका नाम था—राणा सांगा। राणा सांगा: राजपूतों का गौरव राण…
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